फ़ैसला लिया गया कि इस विषय पर फ़रीदाबाद में अनेक जगह तथा बाहर भी जहाँ संभव होगा, ऐसी विचार गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी तथा जाति उन्मूलन को अपने राजनीतिक कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा.
आप अपनी जाति को स्वीकार कर लें और उस पर गर्व करें, यही तो ब्राह्मणवाद चाहता है और यही ब्राह्मणवाद का लक्ष्य भी है।