See all posts we have ever written.
समाजवाद की लड़ाई की अगुआ मजदूर राजनीति को इस लायक बनना है कि तात्कालिक मांगों हेतु संघर्ष के कर रहे विभिन्न तबकों-हिस्सों को सामूहिक मुक्ति के प्रश्न पर शोषणहीन समाज बनाने के संघर्ष में एकजुट कर सके
मज़दूर आंदोलन की जीत होनी निश्चित है और वह जीत शांति व समाजवाद का रास्ता सुनिश्चित करेगी.
मार्क्सवाद किसी जाति विशेष, वर्ग विशेष या किसी देश विशेष की बपौती नहीं है, न हो हो सकता है। मार्क्सवाद तो दुनिया के तमाम दलितों, शोषितों और पीड़ितों की मुक्ति का दर्शन है
प्रत्येक को घर, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार की गारंटी देकर इस नरक को मिटाया जा सकता है क्योंकि यह मानव द्वारा बनाया गया नरक ही है किसी किस्मत या पिछले जन्म का मामला नहीं
हरिशंकर परसाईं जी को उनके जन्म दिवस और स्मृति दिवस पर सादर नमन, कृतज्ञता पूर्ण सलाम
भारत-इजराइल रणनीतिक गठजोड़ बेहद ख़तरनाक है; इसका विरोध करो