Headlines

मज़दूर आंदोलन की चुनौतियां और हमारे कार्यभार29 Days Ago

फासिस्ट हिंदुत्व सियासत का विकृत-विद्रूप चेहरा - मंदिर के चढ़ावे में ‘रामनामी’ गबन व हेराफेरी 29 Days Ago

आखिर चमार, महार या वाल्मीकि होने में क्या गौरव हो सकता है?29 Days Ago

अपनी बस्ती बचाने का संघर्ष कर रहे नेहरू कॉलोनी फरीदाबाद के मेहनतकश मज़दूरों का साथ दीजिए29 Days Ago

‘तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है, इसलिए पेट्रोल, डीज़ल, गैस के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं’ यह सरकारी बयान झूठा है29 Days Ago

हम हैं ठेका मज़दूर29 Days Ago

मज़दूर आंदोलन की चुनौतियां और हमारे कार्यभार29 Days Ago

फासिस्ट हिंदुत्व सियासत का विकृत-विद्रूप चेहरा - मंदिर के चढ़ावे में ‘रामनामी’ गबन व हेराफेरी 29 Days Ago

आखिर चमार, महार या वाल्मीकि होने में क्या गौरव हो सकता है?29 Days Ago

अपनी बस्ती बचाने का संघर्ष कर रहे नेहरू कॉलोनी फरीदाबाद के मेहनतकश मज़दूरों का साथ दीजिए29 Days Ago

‘तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है, इसलिए पेट्रोल, डीज़ल, गैस के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं’ यह सरकारी बयान झूठा है29 Days Ago

हम हैं ठेका मज़दूर29 Days Ago
मज़दूर आंदोलन की चुनौतियां और हमारे कार्यभार
उत्पादनकर्ता और निर्माता होने की वज़ह से सर्वहारा वर्ग ही अपना और बाक़ी सभी का वेतन तय करेगा. सामाजिक उत्पादन का मालिकाना भी सामाजिक होगा.
संपादक मंडल •
फासिस्ट हिंदुत्व सियासत का विकृत-विद्रूप चेहरा - मंदिर के चढ़ावे में ‘रामनामी’ गबन व हेराफेरी
फासीवाद का उभार स्वयं ही पैदा किए गए आर्थिक संकट से सड़ते हुए पूंजीवाद द्वारा अपनी हिफाजत हेतु की गई अग्रिम हमलावर कार्रवाई है।
मुकेश असीम•
आखिर चमार, महार या वाल्मीकि होने में क्या गौरव हो सकता है?
आप अपनी जाति को स्वीकार कर लें और उस पर गर्व करें, यही तो ब्राह्मणवाद चाहता है और यही ब्राह्मणवाद का लक्ष्य भी है।
अशोक कुमार •
अपनी बस्ती बचाने का संघर्ष कर रहे नेहरू कॉलोनी फरीदाबाद के मेहनतकश मज़दूरों का साथ दीजिए
सभी क्रांतिकारी संगठनों को एक मंच पर लाकर, संघर्ष को व्यापकतम विस्तार देने की ज़रूरत है. फ़ासीवाद को टुकड़ों में नहीं मुक़म्मल तौर पर हराया जाता है.
सत्यवीर सिंह•
Recent Posts
- ▸मज़दूर आंदोलन की चुनौतियां और हमारे कार्यभार
- ▸फासिस्ट हिंदुत्व सियासत का विकृत-विद्रूप चेहरा - मंदिर के चढ़ावे में ‘रामनामी’ गबन व हेराफेरी
- ▸आखिर चमार, महार या वाल्मीकि होने में क्या गौरव हो सकता है?
- ▸अपनी बस्ती बचाने का संघर्ष कर रहे नेहरू कॉलोनी फरीदाबाद के मेहनतकश मज़दूरों का साथ दीजिए
- ▸‘तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है, इसलिए पेट्रोल, डीज़ल, गैस के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं’ यह सरकारी बयान झूठा है



