कविता
गिरते रहो, गिरते रहो, जब तक कि गिरने की प्रक्रिया निष्क्रिय ना हो जाए, गिरो, गिरो
हूबनाथ पांडे•
गर सब मिलकर साथ लड़े तो,
समझो जीत लिया मुकाबला है।
रणवीर सिंह•
तुम्हारे पास सेना और सशस्त्र बल हैं
तुम्हारी तानाशाही का प्रतिरोध जताने वाले लोगों को
Mashaal•
विचार की कोई मूर्ति नहीं होती;
इसलिए उसे कभी गिराया नहीं जा सकता
Mashaal•
अभियुक्त
वह व्यवस्था है
जो अपनी संसद को जलाकर
जनता को अपराधी घोषित करती है।
एम के आजाद•
मज़दूर, छात्र, किसान मिले—अब राह कोई दूर नहीं
एम के आजाद•
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