गिरो

हूबनाथ पांडे

· 2 min read

गिरो कि अभी और गिरने की संभावनाएं भरपूर हैं

इतना गिरो कि गुरुत्वाकर्षण बल भी शर्म के मारे गिर पड़े, गिरो

गिरो कि अभी गिरने की शुरुआत है

गिरने की अपनी सामर्थ्य पर भरोसा गिरने मत दो

सारा विश्व तुम्हारा गिरना देख रहा है

और ख़ुद न गिर पाने पर अफ़सोस कर रहा है, गिरो

गिरो पर अकेले मत गिरो, रुपये के साथ गिरो,

चरित्र के साथ गिरो, गर्व के साथ गिरो

एक तुम ही हो जिसमें गिरने का इतना साहस है

उस साहस के साथ गिरो, बेशर्मी के साथ गिरो

बेदर्दी के साथ गिरो, गिरो कि दुनिया तुमसे गिरना सीख रही है.

किसी एक ही मामले में सही, तुम्हें विश्वगुरु होने से कोई नहीं रोक सकता, गिरो

आने वाली पीढियां तुम्हारे गिरने में अपनी संभावनाएं तलाश करेंगी

और वो तुमसे भी ज्यादा गिरने का पराक्रम करेंगी

उनके पराक्रम पर यकीन करते हुए, ज़रा और ज़ोर से गिरो

थोड़ा शोर से गिरो, चारों ओर से गिरो,

निपटखोर से गिरो और गिरते रहो, गिरते रहो

ये सच है कि इससे पहले तुम्हारी तरह कोई नहीं गिरा

इसका कोई नहीं गिला

बल्कि तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि सदियों से खड़े समाज को

तुम गिरना सिखा रहे हो

एक ही जगह खड़े-खड़े लोग जड़ हो गए थे

उन्हें जड़ से तुम्हीं हटा रहे हो,

ये कोई आसान काम नहीं है जो तुम ज़माने को बता रहे हो

कि जो गिरने में असमर्थ हैं वो तुम्हारी आलोचना करेंगे

तुम्हारी निंदा करेंगे, पर इन सब से घबराना नहीं, गिरने से डगमगाना नहीं

आज तक जो कुछ न गिरने के लिए प्रतिबद्ध था वो सब ले के गिरो

धर्म लेकर गिरो, कर्म लेकर गिरो, भेष लेकर गिरो, पेड़ लेकर गिरो, रेड लेकर गिरो

पानी लेकर गिरो, सावन लेकर गिरो, भादों लेकर गिरो

प्रकृति लेकर गिरो, संस्कृति लेकर गिरो, विकृति लेकर गिरो, गिरो

गिरो, वर्त्तमान सदी के महानतम महापुरुष

पूरी क़ायनात को दिखा दो कि तुम और कितना गिर सकते हो

कल हो सकता है कि तुम्हारा गिरना देखकर लोगों में उठने की कामना जाग उठे

और आने वाली पीढ़ियों को उठने का अर्थ बताने के लिए

कम और ज्यादा गिरने का फ़र्क बताने के लिए, गिरो

बिना किसी की फ़िक्र, सिर्फ़ और सिर्फ़, गिरो

गिरते रहो, गिरते रहो, जब तक कि गिरने की प्रक्रिया निष्क्रिय ना हो जाए, गिरो, गिरो

About हूबनाथ पांडे

Copyright © 2026 . All rights reserved.