पूंजीवादी संकट

तेल के बेतहाशा बढ़ते दाम और एथेनॉल की सरकारी मिलावट का खेल

मोदी सरकार, तन मन धन से पूरी तरह चंद कॉर्पोरेट के हितों को समर्पित हो चुकी है. उसमें बदलाव होने की अब कोई गुंजाईश नहीं बची.

सत्यवीर सिंह

पूंजीवादी मुनाफाखोरी व सरकारी नीतियों से पैदा आर्थिक संकट राजनीतिक संकट को जन्म देगा, मजदूर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभाने हेतु तैयार होना होगा

मौजूदा व्यवस्था के अंगों-संस्थाओं से उम्मीदें खत्म होने की ओर हैं। जीवन में सुधार की संभावनाएं पूरी तरह से चकनाचूर हो रही हैं। यह समाज में एक भावी राजनीतिक संकट का संकेत है।

संपादक मंडल

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रणवीर सिंह
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