चुनाव आयोग संबंधी खुलासों पर क्रांतिकारी मजदूर मोर्चा का बयान
शोषण, गैरबराबरी, जाति उत्पीड़न, पितृसत्ता, सांप्रदायिक वैमनस्य समस्या हैं, आरक्षण नहीं
फासीवाद का उभार स्वयं ही पैदा किए गए आर्थिक संकट से सड़ते हुए पूंजीवाद द्वारा अपनी हिफाजत हेतु की गई अग्रिम हमलावर कार्रवाई है।
कानून और व्यवस्था संयंत्र के उदय और विकास के इतिहास में जाए बिना, हम शायद उनके व्यवहार को नहीं समझ सकते
क्रांतिकारी शक्तियों की ज़िम्मेदारी है कि केंद्र में सरकार-पलट इसकी आखिरी मंज़िल नहीं, बल्कि पहला पड़ाव हो